घोषणा होने के बाद बेरोजगारी भत्ते का पंजीयन कराने रोजगार कार्यालय का चक्कर काट रहे युवा

berojgari bhatta madhya pradesh

ग्वालियर. शहर में बेरोजगारों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। एक महीने में रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराने वाले बेरोजगारों की संख्या में 4 गुना वृद्धि हुई है। यह सब हुआ है कांग्रेस के घोषणा पत्र में बेरोजगारों को भत्ता दिए जाने की घोषणा किए जाने से। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बेरोजगार युवाओं को भत्ता मिलने की उम्मीद जगी है, जिसके चलते रोजगार कार्यालय में बेरोजगार युवा पंजीयन करा रहे हैं। रोजाना ही 25 से 30 युवा बेरोजगारी भत्ते के संबंध में जानकारी लेने के लिए पहुंच रहे हैं। बेरोजगारी भत्ते का मुद्दा शहर के युवाओं के लिए हॉट इश्यू बना हुआ है।

कांग्रेस की सरकार बनने से युवाओं को बेरोजगारी भत्ता मिलने की उम्मीद

जिले में डेढ़ लाख से अधिक बेरोजगार हैं। यह शिक्षित युवा हैं, जिन्होंने रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराया है, लेकिन बेरोजगारों का आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में बेरोजगारों को भत्ता देने की घोषणा की थी। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बेरोजगारों ने बहुत अधिक संख्या में रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराया। नवंबर 2018 में सिर्फ 251 युवाओं ने पंजीयन कराया था, लेकिन दिसंबर 2018 में यह संख्या बढकऱ 1089 पर पहुंच गई, इसमें युवती भी पीछे नहीं है। दिसंबर में 314 युवतियों ने पंजीयन कराया। दिसंबर तक जिले के आंकड़े की बात करें तो 1 लाख 50 हजार 882 युवाओं ने बेरोजगार होने का पंजीयन कराया है, जिसमें से 31 हजार 691 युवतियां शामिल हैं। युवा बेरोजगारी भत्ते के लिए अधिक संख्या में कार्यालय में पंजीयन करा रहे हैं। हालांकि, अभी तक इसको लेकर शासन ने कोई योजना तैयार नहीं की है, लेकिन युवाओं को आशा है कि उन्हें भत्ता मिलेगा, इसलिए वह जल्दी से जल्दी पंजीयन कराना चाह रहे हैं। रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराने वालों की संख्या में जनवरी माह में और अधिक इजाफा देखने को मिल सकता है।

दो दशक पहले दिया जाता था भत्ता

प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 2 दशक पहले बेरोजगारी भत्ता दिया जाता था। तब प्रशिक्षण के बाद भत्ता देने की योजना थी, लेकिन बिना प्रशिक्षण के ही बेरोजगारी भत्ता जनपद पंचायत स्तर पर बांट दिया गया, जिसके कारण युवाओं को प्रशिक्षण नहीं मिला और यह योजना कुछ समय बाद ही बंद करनी पड़ी। अब फिर से भत्ता दिए जाने की बात कही गई है। छत्तीसगढ़ में भत्ता पहले दिया जाता था, लेकिन यहां पर शासन ने जो व्यवस्था की थी, उसके तहत पहले युवाओं को प्रशिक्षित किया जाता था, बाद में उन्हें सामान खरीदने के लिए पैसा दिया जाता था, जिससे वह अपना रोजगार स्थापित कर सकें।

रोजगार कार्यालय पहुंच रहे हैं युवा

रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराने के बाद युवा रोजाना ही कार्यालय पहुंचकर बेरोजगारी भत्ते के बारे में जानकारी ले रहे हैं। आलम यह है कि सुबह से लेकर शाम तक 25 से 30 युवा पहुंचते हैं। रोजगार कार्यालय अधिकारियों के अनुसार फिलहाल शासन की ओर सेे ऐसी कोई स्कीम न तो लॉन्च की गई है, न ही इसको लेकर अब तक कोई आदेश उनके विभाग के पास आया है। जब कोई आदेश आएगा तभी उसका क्रियान्वयन किया जाएगा।

शासन ने कोई आदेश जारी नहीं किए हैं
– रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराने वालों की संख्या दिसंबर माह में बहुत बढ़ी है। युवा बेरोजगारी भत्ते के बारे में जानकारी मांगने आते हैं। फिलहाल इसको लेकर शासन ने कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। 
पीके भीमटे, उप संचालक रोजगार कार्यालय

Berojgari Bhatta

Berojgari Bhatta scheme launched by government for the unemployed class for supporting them in search of job.

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